
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी एक बार फिर पूरी तरह भड़क उठी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक अंतरराष्ट्रीय कार्गो शिप पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बुरी तरह बौखला गया है। बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के भीतर घुसकर उसकी मिसाइल और घातक ड्रोन साइट्स को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुए बेहद नाजुक संघर्ष-विराम समझौते (MOU) के बाद यह अमेरिका की पहली प्रत्यक्ष और बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे मिडिल ईस्ट (Middle East) में एक बार फिर महायुद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
‘आपको जल्द ही पता चल जाएगा’– ट्रंप के इशारे के बाद दहल उठा ईरान
यह भीषण हमला उस समय हुआ, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में साफ इशारा कर दिया था कि वॉशिंगटन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की गुस्ताखी का जवाब देने की पूरी तैयारी कर चुका है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या अमेरिका इस गुस्ताखी के खिलाफ कोई जवाबी सैन्य कार्रवाई करेगा, तो ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा था— “आपको बहुत जल्द ही सब पता चल जाएगा।” ट्रंप के इस बयान के कुछ ही मिनटों बाद अमेरिकी विमानों ने ईरान की सीमा में प्रवेश कर बमबारी शुरू कर दी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने लिया एक्शन, तटीय रडार किए तबाह
ट्रंप के ग्रीन सिग्नल के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक घोषणा की कि अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के भीतर घुसकर कई रणनीतिक ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी जेट विमानों ने विशेष रूप से ईरान की मिसाइल यूनिट्स, ड्रोन स्टोरेज डिपो और कोस्टल रडार साइट्स (तटीय रडार केंद्रों) को टारगेट किया, ताकि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को पंगु बनाया जा सके।
सिंगापुर के जहाज पर ईरान ने दागे थे 4 सुसाइड ड्रोन, भड़का अमेरिका
अमेरिकी सेना के अनुसार, इस पूरे तनाव की मुख्य वजह 25 जून को हुआ वह समुद्री हमला है, जिसमें ईरान ने सिंगापुर के ध्वज वाले एक बड़े मालवाहक जहाज ‘M/V Ever Lovely’ को निशाना बनाया था। यह कमर्शियल शिप जब होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकलते समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी ईरान ने इस पर चार खतरनाक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ (आत्मघाती ड्रोन) दाग दिए। अमेरिका ने ईरान की इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर हमला और दोनों देशों के बीच हुए सीजफायर डील का स्पष्ट और खुला उल्लंघन करार दिया।
‘सीजफायर डील का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’– ट्रुथ सोशल पर गरजे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी मजबूती और सतर्कता के साथ तैनात है। सेना यह सुनिश्चित कर रही है कि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी प्रावधानों का सख्ती से पालन हो और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में कोई बाधा न आए। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक के बाद एक कई पोस्ट लिखकर ईरान को आड़े हाथों लिया। ट्रंप ने इस ड्रोन अटैक को दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते का एक ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ बताया और साफ किया कि अमेरिका अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।













