
अमेरिका और इजराइल पर सीधा प्रहार
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। राजधानी में धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और व्यापारिक हस्तियों की एक सभा को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने साफ किया कि ईरान किसी भी देश की दादागीरी, अहंकार और दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की बात दोहराते हुए कहा कि ईरानी समाज में फूट डालने वाली विदेशी ताकतों के मंसूबों को नाकाम किया जाएगा।
‘बिना लगाम के जंगली घोड़े की सवारी कर रहे अमेरिका-इजराइल’ ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी और इजराइली नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वे ऐसी गलतियां कर रहे हैं जैसे कोई बिना लगाम के जंगली घोड़े की सवारी कर रहा हो, जो उन्हें केवल विनाश और तबाही की ओर ले जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की आजीविका, अस्पतालों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर ईरानियों को झुकाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ईरान का समाज ऐसे अत्याचार के सामने कभी नहीं टिकेगा।
भारत के नेतृत्व और ब्रिक्स मंच की सराहना 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए पेजेश्कियान और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना की। अराघची ने कहा कि भारत एक महान उभरती हुई वैश्विक शक्ति है और ब्रिक्स की अध्यक्षता में समूह के सदस्य देशों का कुशल नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है। इस बहुचर्चित कार्यक्रम में ईरान के विदेश मंत्री समेत कश्मीरी नेता मीरवाइज उमर फारूक और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।















