BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग के दौरे से पहले चीनी राजदूत का बड़ा बयान, कहा- मतभेदों को सुलझाने के लिए पीएम मोदी के साथ मिलकर करेंगे काम

7 साल बाद भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति, राजदूत ने की द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत पहुंचने से ठीक कुछ घंटे पहले भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। चीनी राजदूत ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार शाम 5:45 बजे द्विपक्षीय बैठक की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। उल्लेखनीय है कि जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक सैन्य झड़प के बाद शी जिनपिंग पहली बार भारत का दौरा कर रहे हैं। लगभग सात साल बाद हो रहे इस भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के कूटनीतिक हलकों में काफी हलचल है।

‘तीसरी लगातार मुलाकात, रणनीतिक दिशा में आगे बढ़ेंगे दोनों देश’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए चीनी राजदूत ने लिखा कि कजान और तियानजिन में हुई पिछली वार्ताओं के बाद यह दोनों शीर्ष नेताओं के बीच लगातार तीसरी मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि चीन, पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आपसी सहयोग बढ़ाने, बातचीत के रास्ते खोलने और मतभेदों को सही ढंग से निपटाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को पूरी तरह तैयार है।

अच्छे पड़ोसी और सहयोगी बनने पर जोर चीनी राजदूत ने आगे स्पष्ट किया कि चीन दीर्घकालिक और रणनीतिक नजरिए से भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है। दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार और अच्छे पड़ोसी के रूप में रिश्तों को नई दिशा देंगे। कजान और तियानजिन वार्ताओं के बाद सुधरते कूटनीतिक माहौल के बीच आज शाम भारत मंडपम में होने वाली यह महामुलाकात सीमा विवाद और आर्थिक संबंधों को पटरी पर लाने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha