9/11 की 25वीं बरसी पर अल-कायदा का नया वीडियो: अमेरिकी दावों के बीच जिंदा दिखा ओसामा का बेटा हमजा लादेन, आतंकियों का बड़ा प्रोपेगेंडा बेनकाब

अमेरिका के दावों को चुनौती देता 50 मिनट का नया फुटेज

आतंकी संगठन अल-कायदा के आधिकारिक मीडिया विंग ‘अस-सहाब’ ने 11 सितंबर के हमलों की 25वीं बरसी पर 50 मिनट लंबा एक बेहद चौंकाने वाला प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया है। ‘ए क्वार्टर सेंचुरी ऑफ द 11 सितंबर रेड्स’ शीर्षक वाले इस वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस वीडियो की सबसे बड़ी वजह अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन के बेटे और संभावित उत्तराधिकारी हमजा बिन लादेन का पहला वीडियो फुटेज सामने आना है। गौरतलब है कि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में वर्ष 2019 में ही अफगान-पाकिस्तान सीमा पर एक सैन्य अभियान के दौरान हमजा के मारे जाने का दावा किया गया था, जिसे अब इस नए फुटेज के जरिए चुनौती देने की कोशिश की गई है।

हमजा की नई तस्वीर और जवाहिरी की अनदेखी झलकियां वीडियो के दृश्यों में हमजा बिन लादेन को एक पुरानी, चटक हुई मिट्टी की दीवार के सहारे बैठे हुए देखा जा सकता है। उसके सिर पर पारंपरिक सफेद पगड़ी बंधी है और पास ही एक असॉल्ट राइफल रखी हुई दिखाई दे रही है। इसके साथ ही इस वीडियो में अल-कायदा के मारे जा चुके पूर्व सरगना अयमान अल-जवाहिरी की भी कुछ ऐसी तस्वीरें शामिल की गई हैं, जो आज से पहले कभी सार्वजनिक नहीं हुई थीं। आतंकी संगठन ने अब तक आधिकारिक तौर पर जवाहिरी की मौत की पुष्टि नहीं की है और न ही उसके लिए कोई औपचारिक शोक संदेश जारी किया है, जिससे संगठन के अंदरूनी घटनाक्रम को लेकर रहस्य बना हुआ है।

कराची नेवल डॉकयार्ड हमले को दी प्रमुखता प्रोपेगेंडा वीडियो का सबसे खास और चिंताजनक पहलू यह है कि इसकी शुरुआत किसी वैश्विक हमले से नहीं, बल्कि वर्ष 2014 में ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (AQIS) द्वारा कराची नेवल डॉकयार्ड पर किए गए हमले के फुटेज से होती है। खुफिया विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्रीय हमले को वीडियो में सर्वोच्च प्राथमिकता देना यह साफ दर्शाता है कि अल-कायदा के केंद्रीय नेतृत्व और उसके प्रचार तंत्र पर पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का बेहद गहरा प्रभाव है।

युवाओं की भर्ती के लिए लादेन नाम का सहारा सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोपेगेंडा वीडियो को बहुत ही सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संगठन के मौजूदा सरगना सैफ अल-अदल की कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाना और युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करना है। अल-कायदा एक बार फिर नए आतंकियों को भर्ती करने के लिए ‘बिन लादेन’ के नाम की पुरानी यादों और जिहादी भावनाओं का सहारा ले रहा है। हमजा को ओसामा के सीधे उत्तराधिकारी के रूप में पेश करके संगठन अपने शुरुआती दौर वाले वैश्विक आतंकवाद के ढांचे को दोबारा जिंदा करने की कोशिश में है।

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