
अपनी सरजमीन पर जिहादियों को पाल पोषकर कर दुनिया भर में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान भारत के खिलाफ एक के बाद एक साजिशे रच रहा है. मगर हर बार उसके ये नापाक मंसूबों नाकाम हो जाते हैं. इसके बावजूद भी पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है. आतंक को लेकर भारत लगातार पाकिस्तान को घेरते हुए हर मंच पर उसे नंगा कर रहा है. आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर लगाम लगाने के लिए भारत दुनिया के बड़े से बड़े देशों को एकजुट कर रहा है. जिसका नतीजा भी दुनिया के सामने आ रहा है. आंतक की मंडियों की वजह से ही आज पाकिस्तान को दुनिभर में कोई भी भीख नहीं डाल रहा है. पाकिस्तान की हालात एक संक्रमित कुत्ते की तरह हो गई है जहां भी वो जाता है उसे लताड़ ही मिलती है. लेकिन फिर भी आतंकी मुल्क के सरदार इमरान खान के भेजे में कुछ भी नहीं घुस रहा है. इसी बीच भारत के अलग अलग राज्यों में पाकिस्तान की आतंकी साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है.
ये खुलासा तब हुआ जब आतंकवाद के मसले पर आज राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में गृह मंत्रालय ने जवाब दिया. गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्य में इस बात की जानकारी दी कि देश में 12 ऐसे राज्य हैं, जहां IS के आतंकी सबसे ज्यादा सक्रिय हैं. इनमें यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर जैसे राज्य भी शामिल हैं.
राज्यसभा में जब उन राज्यों पर विवरण मांगा गया जहां आईएस आतंकवादी सबसे अधिक सक्रिय हैं, इसके लिखित जवाब में गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि एनआईए की जांच में पता चला है कि आईएस केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल , राजस्थान, बिहार, यूपी, एमपी और जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं.
दरअसल राष्ट्रीय जांच एजेंसी के स्पेशल जज ने ISIS से जुड़े मामले में नौ और लोगों को दोषी ठहराया है. इससे पहले इस मामले में छह लोगों को दोषी ठहरा कर सजा सुनाई जा चुकी है. आतंकी संगठन आइएस के 9 आतंकियों को पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआइए अदालत ने देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर दोषी करार दिया है.
इन पर भारत में आइएस की पैठ जमाने के लिए मुस्लिम युवाओं को संगठित करने का आरोप था. दोषियों ने जुनुद उल खिलाफा फिल हिंद नाम से एक संगठन बनाया, जो कि आइएस के लिए काम करता था. एनआइए ने 2015 में केस दर्ज किया था. इस मामले में छह अन्य को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है.. विशेष अदालत ने मोहम्मद नफीस खान, अबू अनस, नजमूल हुदा, मोहम्मद अफजल, सुहेल अहमद, मोहम्मद उबेदूला, मोहम्मद अलीम, मुफ्ती काशमी और अमजद खान पर लगे आरोप को सही मानते हुए दोषी करार दिया. 22 सितंबर को दोषियों की सजा पर बहस होगी.
तो वहीं इससे पहले आतंकवाद पर आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में चेताया गया है कि भारतीय राज्य केरल और कर्नाटक में अच्छी-खासी संख्या में खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के आतंकवादी मौजूद हैं. साथ ही ये भी खुलासा किया गया है कि ISIL की भारतीय यूनिट ‘हिन्दू विलायाह’ के भी कम से कम 180 से लेकर 200 तक आतंकी सक्रिय हैं. इस आतंकी संगठन के गठन की घोषणा मई 2019 में हुई थी. यानी कि साफ है कि धीऱे धीरे देश के अलग अलग राज्यों में जिहादियों की फौज पनप रही है जिस पर सरकार को सख्त एक्शन लेने की जरूरत है.















