बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी ने ऐन वक्त पर बदला प्रत्याशी, जानिए क्या रही वजह

 

पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐन वक्त पर अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के एक दिन बाद ही अपना पर्चा वापस ले लिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसके पीछे पारिवारिक कारण बताए, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी अलग ही चर्चा है।

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने यह फैसला चुनावी नुकसान और संभावित विवादों से बचने के लिए लिया। बताया जा रहा है कि अभिषेक बंटी के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा का नाम बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़ा रहा है। वे उस समय मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन में प्रबंधकीय पद पर कार्यरत थे और इस मामले में दोषी ठहराए गए थे। पार्टी को आशंका थी कि विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठाकर बीजेपी को घेर सकता है।

इसके अलावा, अभिषेक बंटी के नामांकन पत्र में भी कुछ तकनीकी और शैक्षणिक विवरणों को लेकर सवाल उठने की चर्चा है। सूत्रों का दावा है कि उन्होंने अपने नामांकन में स्वयं को 10वीं पास बताया था, जबकि दस्तावेजों की जांच के दौरान कुछ विसंगतियां सामने आईं। ऐसी स्थिति में नामांकन निरस्त होने की आशंका जताई जा रही थी, जिससे पार्टी के सामने उम्मीदवार विहीन होने का खतरा पैदा हो सकता था।

इसी संभावित जोखिम को देखते हुए बीजेपी ने समय रहते डैमेज कंट्रोल किया और अभिषेक बंटी से नामांकन वापस दिलवाकर 32 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया। नीरज लंबे समय से बीजेपी संगठन से जुड़े हैं और बूथ अध्यक्ष से लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला उपाध्यक्ष तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित है। इस सीट पर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता भी चुनावी मैदान में हैं।

हालांकि, अभिषेक बंटी के नामांकन वापस लेने के पीछे बताए जा रहे कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी की ओर से इसे पारिवारिक कारणों से लिया गया व्यक्तिगत निर्णय बताया गया है, जबकि अन्य दावों पर पार्टी ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

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