सीकर/जयपुर: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को लेकर मचे घमासान के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पूरी परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के सीकर जिले में एक हॉस्टल चलाने वाले शख्स और उनके बेटे की छोटी सी टिप-ऑफ ने अनजाने में उस बड़े माफिया का पर्दाफाश कर दिया, जिसकी जांच अब सीबीआई (CBI) कर रही है। यह कहानी शुरू होती है 2 मई की रात 11 बजे, जब एक ‘गेस पेपर’ ने नीट परीक्षा के भविष्य को अधर में लटका दिया।
केरल से सीकर पहुंचा ‘मौत का पैगाम’ बना गेस पेपर
घटनाक्रम के मुताबिक, केरल में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहे सीकर के एक छात्र को उसके दोस्त ने व्हाट्सएप पर एक पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में ‘गेस पेपर’ भेजा। छात्र ने सोचा कि सीकर में हॉस्टल चलाने वाले उसके पिता के काम आएगा। पिता ने सुबह वह पेपर हॉस्टल की चार लड़कियों को देने की कोशिश की, जो नीट परीक्षा देने जा रही थीं, लेकिन वे तब तक सेंटर निकल चुकी थीं। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि यह महज़ ‘गेस पेपर’ नहीं, बल्कि भविष्य के साथ खिलवाड़ की पुख्ता स्क्रिप्ट है।
135 सवाल हूबहू मैच: शिक्षकों के उड़े होश
परीक्षा खत्म होने के बाद जब हॉस्टल मालिक ने उत्सुकतावश वह पेपर एक केमिस्ट्री शिक्षक को दिखाया, तो हड़कंप मच गया। जब बायोलॉजी और केमिस्ट्री के शिक्षकों ने मिलकर मिलान किया, तो पाया कि कुल 204 सवालों में से 135 सवाल असली नीट पेपर से हूबहू मिल रहे थे। यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। हॉस्टल मालिक और शिक्षक तुरंत सबूत लेकर स्थानीय पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें सहयोग के बजाय अपमान मिला।
पुलिस की लापरवाही और NTA को भेजा गया ‘धमाकेदार’ मेल
हैरानी की बात यह है कि सीकर पुलिस ने यह कहते हुए केस दर्ज करने से मना कर दिया कि परीक्षा के बाद शिकायत करना ‘संदिग्ध’ है। पुलिस का तर्क था कि शायद वे परीक्षा रद्द कराने की साजिश कर रहे हैं। हार मानकर हॉस्टल मालिक और शिक्षक ने सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल कर दिया। इस एक मेल ने दिल्ली के गलियारों में हलचल मचा दी। चार दिन बाद 8 मई को एनटीए ने राजस्थान एसओजी (SOG) को जांच सौंपी और यहीं से पेपर लीक के तार जुड़ने शुरू हुए।
सीकर से हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला ‘चीटिंग रैकेट’
SOG की जांच में सामने आया कि यह खेल जयपुर के जमवारामगढ़ से शुरू होकर हरियाणा और फिर महाराष्ट्र के नासिक तक फैला है। नासिक के शुभम खैरनार नाम के छात्र से वही ‘गेस पेपर’ की हार्ड कॉपी बरामद हुई है। हरियाणा के एक आयुर्वेदिक छात्र ने बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के छात्रों को लाखों रुपये में यह पेपर बेचा था। अब इस पूरे मामले की कमान सीबीआई ने संभाल ली है, जो इस अंतर्राज्यीय गैंग की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।















