
गुजरात के राजकोट सिविल अस्पताल की अव्यवस्थाओं के एक के बाद एक वीडियो सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो आज फिर सामने आया हैं, जिसमें सिक्युरिटी गार्ड और पीपीई किट पहने स्टाफ का कर्मचारी एक कोरोना मरीज को पीटते नजर आ रहे हैं। इनमें से एक व्यक्ति तो मरीज के ऊपर ही बैठा हुआ है। वहीं, बेबस मरीज पिटाई के दौरान सिर्फ पानी देने की गुहार लगा रहा था। यह वीडियो 9 सितंबर का है और इस घटना के दो दिन बाद ही मरीज की मौत हो गई थी। भाई का यह भी कहना है कि उसका भाई मानसिक रोगी नहीं था। बता दें, इस वीडियो के सामने आने का बाद अस्पताल के सुपरिटेंडेंट पंकज बुच का कहना है मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज प्रभाशंकर कोरोना पॉजीटिव भी था।
मरीज के भाई ने कहा – स्टाफ की मारपीट से ही गई भाई का जान
आज इस वीडियो सामने आने के बाद मृतक के भाई ने कहा कि इस वीडियो से पता चला कि मेरे भाई की मौत कोरोना से नहीं, बल्कि अस्पताल स्टाफ की मारपीट से हुई थी। मृतक के भाई का कहना है कि उसके भाई की किडनी का इलाज पहले राजकोट के गिरिराज अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जबकि मेरे भाई की मौत कोरोना से नहीं, बल्कि अस्पताल स्टाफ की मारपीट से हुई है। भाई का कहना है कि अस्पताल झूठ बोल रहा है कि मेरा भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ था।
सुपरिटेंडेंट का कहना है मानसिक रूप से अस्वस्थ था
वहीं, इस मामले में अस्पताल के सुपरिटेंडेंट पंकज बुच का कहना है मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज प्रभाशंकर कोरोना पॉजीटिव भी था। वह बार-बार नाक में लगी नली निकाल कर फेंक रहा था। इसीलिए अस्पताल स्टाफ उसे सिर्फ रोकने की कोशिश कर रहा था। वीडियो सामने आने के बाद शहर कांग्रेस प्रमुख अशोक डांगर ने कलेक्टर से मांग की है कि जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।















